जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर) इटावा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय (CDPO) जसवंतनगर के सभागार में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र की महिलाओं को उनके मौलिक अधिकारों, कानूनी सहायता तथा शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं विधिक विशेषज्ञों ने महिलाओं से संबंधित कानूनों पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्राधिकरण के अधिकार मित्र राजेंद्र सिंह ने पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) अधिनियम के कड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि गर्भस्थ शिशु के लिंग की जांच कराना और लिंग चयन करना कानूनन संगीन अपराध है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले और इसमें संलिप्त डॉक्टरों या केंद्रों पर कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
इसी क्रम में अधिकार मित्र लालमन ने केंद्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच का होना अत्यंत आवश्यक है। बेटियों को बेटों के समान शिक्षा, पोषण और सुरक्षा के अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने का आह्वान किया।
इसके अलावा, कार्यक्रम के दौरान तहसील दिवस और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया समझाई गई। महिलाओं को बताया गया कि वे किसी भी कानूनी विवाद या न्याय की आवश्यकता पड़ने पर प्राधिकरण के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर निःशुल्क कानूनी सलाह एवं वकील की सुविधा प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सीडीपीओ प्रभारी शकुंतला देवी ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस विधिक जागरूकता शिविर में आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं—ममता कुमारी, अनिता देवी, मनोरमा, रेखा देवी, रेनू, विंध्यवासिनी, अनुराधा, मीना शर्मा, नीतू कुमारी, आरती सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
