जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर ), इटावा। ऐतिहासिक एवं विश्वप्रसिद्ध मैदानी रामलीला के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखने वाले जसवंतनगर में इस वर्ष 167वीं रामलीला महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। श्री रामलीला समिति जसवंतनगर की ओर से वर्ष 2026 के कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। करीब 25 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में रामलीला की विभिन्न लीलाओं के साथ रासलीला, लोकनृत्य, कवि सम्मेलन, स्टार नाइट और स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
रामलीला महोत्सव की औपचारिक शुरुआत 8 अक्टूबर को गणेश यात्रा के साथ होगी। इसके अगले दिन 9 अक्टूबर शुक्रवार को रामलीला मैदान में धनुष भंग एवं लक्ष्मण-परशुराम संवाद की लीला के साथ मुख्य रामलीला का शुभारंभ होगा। कार्यक्रम को लेकर रामलीला समिति के पदाधिकारी बबलू गुप्ता, ठाकुर अजेंद्र सिंह गौर सहित समिति के अन्य सदस्य तैयारियों में जुटे हैं।
आगामी कार्यक्रम की रूप रेखा कुछ इस प्रकार रहेगी...
10 अक्टूबर को रामबारात निकाली जाएगी।
12 अक्टूबर को राम वनवास, 13 अक्टूबर को भरत मनोआ एवं भरत मिलाप
14 अक्टूबर को जयंत आंख फूटना और विराध वध की लीला होगी।
15 अक्टूबर को सूर्पणखा नाक-कान काटना, खर-दूषण वध और रावण-मारीच वार्ता का मंचन किया जाएगा।
16 अक्टूबर को मारीच वध, सीता हरण, कबंध वध एवं सुग्रीव मिलाई।
17 अक्टूबर को बालि वध, रावण-हनुमान संवाद, लंका दहन और अक्षय कुमार वध होगा।
18 अक्टूबर को सेतु बंधन, रावण-अंगद संवाद, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकरण जगाने की लीला होगी।
19 अक्टूबर को कुंभकरण युद्ध एवं वध, नागफांस, मेघनाद वध और सती सुलोचना का मंचन किया जाएगा।
20 अक्टूबर को अतिकाय वध, नारांतक वध एवं रावण युद्ध होगा।
21 अक्टूबर को अहिरावण वध और रावण वध की मुख्य लीला का मंचन किया जाएगा।
22 व 23 अक्टूबर को भरत मिलाप (नगर भ्रमण), एवं ढोला पार्टी होगी।
24 अक्टूबर को राजगद्दी एवं जादू शो के साथ मुख्य रामलीला कार्यक्रमों का समापन होगा।
रामलीला के बाद.. पांच दिवसीय रासलीला होगी।
25 अक्टूबर को श्रीकृष्ण जन्म, 26 को माखन चोरी, 27 को द्रोपदी चीरहरण, 28 को कंस वध और 29 अक्टूबर को फूलों की होली का आयोजन किया जाएगा। ये कार्यक्रम रामलीला मैदान में शाम आठ बजे से होंगे।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
30 अक्टूबर को राजस्थानी लोक नृत्य एवं गरबा।
31 अक्टूबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।
1 नवंबर को भोजपुरी स्टार नाइट एवं रंगारंग कार्यक्रम आयोजित होगा।
2 और 3 नवंबर को स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ महोत्सव का समापन होगा।
रामलीला की विभिन्न लीलाएं रामलीला मैदान के अलावा नरसिंह जी मंदिर, तालाब मंदिर, कटरा पपुख्ता चौक तथा नगर के निर्धारित मार्गों पर आयोजित की जाएंगी। ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव को लेकर समिति और नगरवासियों में उत्साह है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस वर्ष आसपास के जिलों के साथ दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक जसवंतनगर मैदान पहुंचकर आनंदित होंगे ।
रामलीला समिति द्वारा आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं..
इस मौके पर प्रबंधक राजीव गुप्ता उर्फ बबल, अजेंद्र सिंह गौर उप प्रबंधक संयोजक, हीरालाल गुप्ता उपाध्यक्ष, अनिल गुप्ता उर्फ अनु कोषाध्यक्ष, राजीव माथुर, विवेक रतन पांडे, अलौकिक गौर, विकास यादव आदि सदस्य गढ़ उपस्थित रहे!

