जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर), इटावा। दिल्ली में पत्रकारों के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार, धक्का-मुक्की और हिरासत में लिए जाने की घटनाओं के विरोध में मंगलवार को जसवंतनगर के स्थानीय पत्रकारों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी अभिषेक प्रताप सिंह को सौंपा। पत्रकारों ने इन सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और देशभर में मीडियाकर्मियों की सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की है।
घटनाओं का उल्लेख और प्रमुख मांगें
ज्ञापन में स्वतंत्र पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा, 'हिन्दुस्तान' के पत्रकार आशीष सिंह, 'नवभारत टाइम्स' के पत्रकार रितिक जोशी और राहुल चारस सहित अन्य पत्रकारों के साथ हाल ही में हुई कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।
पत्रकारों ने कहा कि समाचार संकलन के दौरान इस प्रकार की घटनाएं स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के मार्ग में एक गंभीर चिंता का विषय हैं। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं, जो जनसमस्याओं को उजागर कर जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं। ऐसे में अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते समय पत्रकारों को भय और असुरक्षा के माहौल का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए।
ज्ञापन के प्रमुख बिंदु:
दिल्ली की घटनाओं की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दोषी पुलिसकर्मियों व व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई हो।
समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को रोकने, दुर्व्यवहार करने या उनके कार्य में अनुचित हस्तक्षेप पर रोक के लिए कड़े निर्देश जारी हों।
देश भर में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की पूर्ण रक्षा की जाए।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख पत्रकार
इस दौरान प्रेस क्लब जसवंतनगर के अध्यक्ष प्रेम कुमार शाक्य, कोषाध्यक्ष प्रदीप चौहान, सलाहकार यशवंत चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष सुबोध पाठक, संगठन मंत्री बृजेश यादव के साथ-साथ दैनिक जागरण से आसिफ खान, लोहिया दर्पण से रामवीर यादव और लोकभारती से आलोक उपाध्याय सहित कई अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।
