जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर), इटावा। विश्व प्रसिद्ध जसवंतनगर रामलीला महोत्सव की तैयारियों को लेकर गुरुवार को लंका भवन स्थित रामलीला मंच पर प्रशासनिक अधिकारियों और रामलीला समिति पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें आयोजन को भव्य, व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। रामलीला की 159 वर्ष पुरानी परंपरा का उल्लेख करते हुए प्रबंधक राजीव गुप्ता ‘बबलू’ भावुक हो गए।
बैठक में एसडीएम अभिषेक प्रताप सिंह, सीओ आयुषी सिंह, थाना प्रभारी कमल भाटी, एसडीओ राजेश कुमार, जेई कौशल पांडेय और अधिशासी अधिकारी श्याम वचन सरोज मौजूद रहे। रामलीला समिति के अध्यक्ष हीरालाल गुप्ता, प्रबंधक राजीव गुप्ता ‘बबलू’, व्यवस्थापक ठाकुर राजेंद्र सिंह गौर, व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष गुप्ता समेत व्यापारी प्रतिनिधि और नगर के गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया।
बैठक में रामलीला मंचन की रूपरेखा, कलाकारों की तैयारियों, झांकियों और धार्मिक कार्यक्रमों के क्रम पर चर्चा हुई। मंच सज्जा, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था के साथ दर्शकों के बैठने की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। नगर पालिका को मैदान की समय से सफाई और पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एसडीएम ने रामलीला स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। सीओ आयुषी सिंह ने कहा कि मेले के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
प्रबंधक राजीव गुप्ता ‘बबलू’ ने कहा कि समिति नगर की ऐतिहासिक परंपरा और आस्था को बनाए रखते हुए इस बार पहले से अधिक रोचक और बेहतर मंचन कराने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने 159 साल पुरानी रामलीला के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन नगर की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान है। व्यवस्थापक ठाकुर राजेंद्र सिंह गौर ने बताया कि इस वर्ष भी रामलीला का आयोजन परंपरागत ढंग से भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। राजीव माथुर ने बताया कि इस बार रासलीला का मंचन भी पारंपरिक और मनमोहक तरीके से किया जाएगा।
अष्टधातु के मुकुट-मुखौटे और तलवार बने आकर्षण
बैठक के दौरान अष्टधातु से निर्मित मुकुट, मुखौटे और तलवार भी अवलोकन के लिए रखे गए। इनमें काशी से लाए गए पीतल के सात नए मुखौटे भी शामिल रहे। प्राचीन परंपरा से जुड़े इन सामानों को देखकर उपस्थित लोग भावविभोर हो उठे।
इस दौरान कोषाध्यक्ष अनिल गुप्ता ‘अन्नू’, कार्यकारिणी सदस्य राजीव माथुर, अनिल गुप्ता, राजकमल गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता एडवोकेट, डॉ. पुष्पेंद्र पुरवार, विनय पांडेय, पंडित रामकिशन दुबे व्यास, कृष्ण पाल सिंह भदौरिया, विनोद यादव आदि मौजूद रहे।
