चंदौली (संवाददाता - शमशेर चौधरी)। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पुलिस और स्वाट/SOG टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 3 करोड़ 92 लाख रुपये कीमत का सोना बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद पीली धातु का कुल वजन 2 किलो 565.720 ग्राम बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, स्वाट/SOG टीम और थाना चंदौली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिहार की तरफ से एक सफेद रंग की KIA Carens कार (HR22W2830) में दो व्यक्ति अवैध सोना लेकर दिल्ली की ओर जाने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नवहीं पुलिया हाईवे पर वाहनों की चेकिंग शुरू की।
इसी दौरान मुखबिर द्वारा बताए गए वाहन को बिहार की ओर से आते हुए देखा गया। पुलिस ने कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने वाहन को साइड से भगाकर निकलने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए कार को रोक लिया।
पूछताछ में चालक ने अपना नाम जुबेर मुबारक शेख, निवासी शांगली, महाराष्ट्र बताया। वहीं उसके बगल में बैठे व्यक्ति ने अपना नाम मनीष कुमार, निवासी फतेहाबाद, हरियाणा बताया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि कार के गियर बॉक्स के नीचे एक गुप्त बॉक्स बनाकर सोना छिपाया गया था, जिसे वे दिल्ली लेकर जा रहे थे। पकड़े जाने के डर से उन्होंने पुलिस से बचकर निकलने की कोशिश की थी।
आरोपियों की निशानदेही पर गियर बॉक्स के नीचे बनाए गए बॉक्स को खोलकर तलाशी ली गई। इसमें कपड़े के लंबे बेल्ट में भूरे रंग के सेलो टेप से लपेटकर रखी गई दो सिल्लियां बरामद हुईं। आरोपियों ने बरामद पीली धातु को सोना बताया। उनके पास सोने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला।
इसके बाद आयकर विभाग और राजस्व आसूचना विभाग को सूचना दी गई। संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में बरामद धातु को खुलवाकर जांच और वजन कराया गया। इसका कुल वजन 2 किलो 565.720 ग्राम पाया गया। संबंधित वैल्यूअर के अनुसार बरामद सोने की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 92 लाख रुपये है।
आयकर विभाग की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बरामद पीली धातु विदेश में निर्मित सोना बताया गया है। पुलिस की कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद सोने को नियमानुसार राजस्व आसूचना विभाग (Revenue Intelligence Department) को सौंप दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थाना चंदौली पुलिस और स्वाट/SOG टीम के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।