ऑडिट नहीं कराया तो सचिव-प्रधानों पर दर्ज होगा गबन का मामला

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जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर), इटावा। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर खर्च की गई धनराशि का ऑडिट नहीं कराने वाले ग्राम पंचायत सचिव और प्रधानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। निर्धारित समय में ऑडिट नहीं कराने पर खर्च की गई धनराशि को गबन की श्रेणी में मानते हुए संबंधित सचिव और प्रधान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। एडीओ पंचायत देवेंद्र पाल सिंह और ऑडिट अधिकारी दिनेश कुमार यादव ने संबंधित ग्राम पंचायतों को समय रहते ऑडिट कराने की चेतावनी दी है।

अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2018 से 2021 तक ग्राम पंचायत जुगोरा, फूलरई, दौदुआ गोपालपुर और नगला सलहदी का ऑडिट नहीं कराया गया है। वहीं वर्ष 2019-20 में 45 और वर्ष 2020-21 में 36 ग्राम पंचायतों का ऑडिट लंबित है। संबंधित ग्राम पंचायतों को ऑडिट कराने के लिए दो बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब तीसरा नोटिस जारी किया जाना है।

अधिकारियों ने बताया कि ऑडिट के लिए ग्राम पंचायतों को अपने अभिलेख और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इसके बावजूद यदि ऑडिट प्रक्रिया पूरी नहीं कराई जाती है तो संबंधित ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उनके खिलाफ गबन का मामला दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

उन्होंने सभी संबंधित ग्राम पंचायतों से समय रहते अभिलेख उपलब्ध कराकर ऑडिट पूरा कराने को कहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तीसरे नोटिस के बाद भी लापरवाही बरती गई तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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